यूपी के किसानों की हो सकती हे कर्ज़ माफी, लेकिन हो सकती हैं कुछ अहम शर्तें!

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योगी सरकार

लखनऊ। हाल ही मे उत्तर प्रदेश की नवनिर्वाचित योगी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग आज शाम  से प्रस्तावित है। साथ ही इस पहली कैबिनेट मीटिंग पर पूरे राज्य कि नजर टिकी हुई हैं क्योंकि जनता को इस बार उम्मीद है कि आज की कैबिनेट मीटिंग मे किसानों की कर्ज माफी पर कई अहम फ़ैसले लिए जा सकते हैं| मीटिंग से पहले ही उत्तर प्रदेश कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाही ने कहा कि किसानों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। इसके साथ ही बूचड़खानों पर पाबंदी, भर्ती में गड़बड़ियों समेत कई अहम मुद्दों पर भी विचार हो सकता है।

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(Image Source: The Financial Express)

किसानों की लोन माफी के लिए लग सकती हैं कुछ शर्तें

उत्तर प्रदेश मे 19 मार्च को भाजपा सरकार गठन के साथ ही नवनिर्वाचित योगी सरकार किसानों की कर्जमाफी का उचित फार्मूला निकालने में लगी हुई है। हालाकि राज्य की सरकार पर यह काफी बड़ा बोझ साबित हो सकता है| मीडिया सूत्रो के अनुसार यूपी में कुलमिलाकर करीब दो करोड़ छोटे और मझोले किसानों की संख्या है। इन सभी किसानों ने करीब 62 हजार करोड़ रुपए का कर्ज विभिन्न बेंको से ले रखा है। अगर राज्य सरकार यह बड़ा फैसला लेती है तो इससे राज्य का वित्तीय गणित भी बिगड़ सकता है। इसलिए सरकार इस कर्ज़ माफी पर कुछ शर्तें भी लागू कर सकती है।

 

सूत्रो के मुताबिक योगी कैबिनेट के मंत्री एसपी सिंह बघेल ने स्पष्ट करा कि हमने सिर्फ छोटे और लघु किसानों के कर्ज माफी का वादा किया था। और ये वादा पूरा भी किया जाएगा। हालाकि इस के तहत फसली ऋण के अलावा कुछ भी माफ नहीं होगा। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी साफ किया कि जिन भी किसानों ने भैंस, ट्रैक्टर और इंजन के लिए कर्ज ले रखे हैं, उनका यह कर्ज माफ नहीं किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री की तरफ से यह बयान तमाम तरह की दूसरी शर्तों की ओर भी इशारा कर रहा है। हालाकि इसके साथ ही कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यह भी कहा कि करीब 30 हजार करोड़ से लेकर 45 हजार करोड़ रुपए तक के कर्ज माफ किए जा सकते हैं।

 

कई अहम फैसले बिना कैबिनेट मीटिंग के ही लिए गए

नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कैबिनेट मीटिंग के बिना ही उत्तर प्रदेश राज्य में अभी तक काफ़ी अहम आदेश जारी किए हैं। हाल ही मे योगी सरकार द्वारा अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई, विधि व्यवस्था में सुधार और एंटी रोमियो स्क्वैड के गठन जैसे कई बड़े फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं| हालांकि इन सबके बीच कई विपक्षी पार्टियाँ किसानों की कर्ज माफी जैसे अहम फैसले में हो रही देरी को लेकर योगी सरकार पर लगातार निशाना साध रही हैं। सूत्रो के मुताबिक 4 अप्रैल को प्रस्तावित कैबिनेट मीटिंग में कई और बड़े और अहम फैसले लिए जा सकते हैं।