नेपाल से ‘लापता’ पाक के पूर्व आर्मी अफसर से जुड़ा हो सकता है कुलभूषण जाधव की फांसी का कनेक्शन!

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नई दिल्ली. अभी हाल ही मे नेपाल से एक रिटायर्ड पाकिस्तानी आर्मी कर्नल का ‘लापता’ होना कहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसी रॉ के एक कथित इंटेलिजेंस ऑपरेशन की तरफ इशारा तो नही कर रहा है. सूत्रो की माने तो कहीं ये पूरी कवायद आने वाले समय में ‘जासूसो की अदला-बदली’ के लिए ही तो नहीं की गई है? यहाँ इशारा  कुलभूषण जाधव की तरफ है जिन्हे हाल ही मे पाकिस्तान ने बिना किसी ठोस सबूत के जासूसी का आरोप लगाते हुए फासी की सज़ा सुनाई है|

 

सूत्रो के मुताबिक रिटायर्ड पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के हाल ही मे भारत-नेपाल बॉर्डर से कथित तौर पर लापता होने की खबर पर यह बताया जा रहा है कि सैन्य अधिकारी एक नौकरी के सिलसिले में नेपाल आया था पर वह पिछले 6 दिन से लापता है. पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से यह रिपोर्ट दी गयी है. साथ ही मे इस पूर्व अधिकारी के परिजनों ने ‘दुश्मन खुफिया एजेंसी’ जैसा की पाकिस्तान में भारत के लिए दुश्मन शब्द का इस्तेमाल किया जाता है उन्हें अगवा करने का आरोप लगाया है.

मोहम्मद हबीब

रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद हबीब भारत नेपाल सीमा से सटे लुम्बिनी शहर से गुरुवार को लापता हो गए थे. वह किसी नौकरी के लिए इंटरव्यू के सिलसिले में यहां पहुंचे थे. फिलहाल नेपाली सुरक्षा एजेंसियां मोहम्मद हबीब की तलाश में जुटी हुई हैं. साथ ही साथ नेपाल मे स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने भी इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट नेपाल सरकार से भी मांगी है. यहाँ तक की पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने भी इस खबर की पुष्टि की है. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास और नेपाली सुरक्षा अधिकारियों से लगातार संपर्क में है.

 

इस घटनाक्रम के बाद हबीब के बेटे साद हबीब ने रविवार को रावलपिंडी के रवात पुलिस स्टेशन में अपने पिता की गुमशुदगी की एफआईआर भी दर्ज कराई है. जिसमे कहा गया है कि नेपाल में पहुँच का उनके पिता जावेद अंसारी नाम के किसी शख्स से मिले थे जो बाद मे उन्हें भारत नेपाल सीमा से सटे लुम्बिनी शहर लेकर गया. फिलहाल एफआईआर में किसी का नाम दर्ज नहीं किया गया है. एक स्थानीए पुलिस अधिकारी के मुताबिक हबीब के बेटे साद ने भारतीय गुप्तचर एजेंसी रॉ पर अपने पिता को अगवा करने का संदेह जताया है.

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मोहम्मद हबीब अक्टूबर 2014 में पाकिस्तानी सेना से रिटायर हुए थे. वह पाकिस्तान की आर्टिलरी डीविसन से जुड़े थे. अपने रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पाकिस्तान में ही एक प्राइवेट फर्म में नौकरी भी की और नयी नौकरी की तलाश में अपना रेज्यूमे ऑनलाइन पोस्ट किया था. सूत्रो के मुताबिक मोहम्मद हबीब को मार्क थॉम्पसन नाम के एक व्यक्ति ने लंडन से फोन और ई-मेल के जरिए नौकरी के लिए उनसे संपर्क किया था. जिसके बाद उन्हें नेपाल में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था.

 

वह गुरुवार को ही ओमान से नेपाल के काठमांडू शहर पहुंचे थे और उन्हे किसी जावेद अंसारी नाम के शख्स ने एयरपोर्ट पर रिसीव भी किया था. इसके बाद वह दोनो लुम्बिनी शहर के लिए निकल गए थे. लुम्बिनी पहुँचने पर मोहम्मद हबीब ने अपने परिवार को स्थानीय नंबर से फोन भी किया, जो तुरंत ही स्विच ऑफ हो गया. रिपोर्ट्स के अनुसार हबीब को लुम्बिनी शहर में यूएन में नौकरी ऑफर की गई थी. जिस मार्क थॉम्सन नाम के शख्स ने उन्हें लंदन के नंबर से कॉल किया था, वह नंबर भी फर्जी निकला.

 

सूत्रों के मुताबिक लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) मोहम्मद हबीब पाकिस्तानी आर्टिलरी के अधिकारी थे और शक है कि अपनी नौकरी में रहते हुए वो आईएसआई के लिए एक अंडरकवर एजेंट की तरह नेपाल में काम कर रहे थे.

 

News Source: http://www.india.com/hindi-news/world-hindi/former-pak-army-officer-feared-abducted-near-india-nepal-border/

(Image Source: India.com, indiatoday.intoday.in)