जानिए क्यों नही लगेगा जरूरी दवाओं पर अगले दो महीने तक जीएसटी, क्यों पहले के दाम पर ही होगी बिक्री

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दवाएं

नई दिल्ली। हाल ही मे पूरे देशभर मे 1 जुलाई से मोदी सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू कर दिया गया है जिसके बाद से ही यह उम्मीद की जा रही थी कि सभी ज़रूरी दवाओं के मूल्य में लगभग 2-3% का बदलाव आएगा. पर फिलहाल मरीजों को इसके लिए परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने अगस्त महीने तक किसी भी तरह की जरूरी दवाओं के मूल्य पर जीएसटी लागू नहीं करने का प्रस्ताव पारित करा है. यानी की दवाओं के मूल्य में अगले महीने तक कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. दवाई विक्रेताओं के मुताबिक दवाओं के नए स्टॉक बाजार में पहुंचने के बाद ही उनपर जीएसटी लागू होगा.

 

मीडिया रिपोर्ट की माने तो भले ही 1 जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू कर दिया गया है पर दवाओं के बाजार में अभी प्री-जीएसटी स्टॉक ही पड़ा हुआ है जिस पर बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि मार्केट मे नया स्टॉक पहुंचने में अभी लगभग दो महीने का और वक्त लग सकता है तबतक सभी दवाएं प्री-जीएसटी रेट पर ही उपलब्ध रहेंगी तथा नया स्टॉक आने के बाद ही उनपर जीएसटी की दरें लागू होंगी.

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गौरतलब है कि सरकार ने लगभग 12 प्रतिशत जीएसटी उन सभी प्राथमिक दवाओं पर लगाया है जो की नेशनल लिस्ट ऑफ इसेंशियल मेडिसिन के अंतर्गत आती हैं. इन सभी के अलावा गंभीर रोग की दवाओं और इन्सुलिन पर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत रखी गई है. सूत्रो की रिपोर्ट के अनुसार माना जा रहा है कि प्राथमिक दवाओं जिनमें कई जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल हैं, जीएसटी के लागू होने से इनमें भी मामूली महंगाई आ सकती है.

 

लगभग 761 दवाओं के अस्थाई अधिकतम मूल्य जीएसटी लागू होने से पहले ही तय कर लिए गये हैं

सूत्रो के अनुसार, राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने लगभग 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य की घोषणा देश मे जीएसटी व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने से पहले ही कर दी थी. इनमें मुख्यता कैंसर-रोधी, मधुमेह, एचआईवी-एड्स तथा ज़रूरी एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं.




बहरहाल एनपीपीए ने यह भी स्पष्ट करा है कि फिलहाल दवाओं की कीमत अंतिम तौर पर नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली पूरी तरह लागू होने के बाद तय की जाएगी. जिसके तहत हर राज्य के आधार पर इसमे दो से तीन प्रतिशत की घट-बढ़त हो सकती है. साथ ही मे प्राधिकरण के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि सभी छोटी बड़ी कंपनियों के लिए जीएसटी में स्थानांतरण को और  आसान बनाने के लिए हमने लगभग 761 दवाओं की अस्थायी तौर पर अधिकतम मूल्य घोषित कर दिए हैं.