वायरल वीडियो: किस तरह कश्मीरी युवकों की बदसलूकी के बाद भी संयम बरतना पड़ता है हमारे जवानो को!

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कश्मीर

श्रीनगर: कश्मीर में पत्थरबाजी और आतंकी घटनाओं का सिलसिला अभी थमा भी नही था की इस कड़ी में एक और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. कश्मीर राज्य में किन मुश्किल परिस्थितियों में सुरक्षाबल अपना दायित्व निभा रहे हैं, ये सब बताने के लिए ये वीडियो काफी है. वाइरल हो रही इस वीडियो में देखा जा सकता है की कैसे कश्मीरी युवक सीआरपीएफ जवान के साथ बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं.

आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि CRPF जवानों का एक दल चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों के साथ सड़क से गुजर रहा है. इसी बीच, कुछ भटके हुए कश्मीरी युवक (जैसा की कुछ मीडीया वालो द्वारा कश्मीरी युवको के लिए कहा जाता है) इस दल को घेर लेते हैं और किस तरह से बदसलूकी करते हैं. आप इस वीडियो मे देख सकते हैं की कैसे एक कश्मीरी युवक अपने फोन की वीडियो रिकॉर्डिंग ऑन करता है जबकि दूसरा युवक जवान को लात से मारता दिखाई दे रहा है. इतना ही नही, कश्मीरी युवक का पैर लगने से जवान का हेलमेट लुढ़कता हुआ दूर चला जाता है पर फिर भी जवान जवाबी कार्यवाही नही करता|

 

वहीं दूसरी और, इससे पहले कुछ लोग जवान के सिर पर भी हाथ से मारते देखे जा सकते हैं| सड़क पर जगह जगह लोग नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं. कश्मीरी युवकों ने कई बार जवानों के सिर पर वार करा और उन्हें उकसाते नजर आए.

 

कश्मीरी युवकों द्वारा की गयी इस बदसलूकी के बाद भी जवान किसी तरह की जवाबी कार्यवाही से बचता दिख रहा है तथा कोई जवाब नहीं देता है. आप देख सकते हैं की ऐसा तब है जब उसके पास हथियार भी था. इस घटना के बाद सीआरपीएफ ने दिए बयान में कहा कि यह वायरल वीडियो बडगाम के इलाके का हो सकता है. तथा यह वीडियो हाल ही में हुए उपचुनाव के दौरान का है.

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सीआरपीएफ के दिए ब्यान के मुताबिक उस समय जवानो ने किसी भी तरह का जवाब देना सही नही समझा क्योंकि जवान ईवीएम मशीन की सुरक्षा कर रहे थे तथा उनके लिए पहले ईवीएम को सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी था, ना कि उस युवक को जवाब देना. सीआरपीएफ ने अपने बयान में स्पष्ट करा कि कोई भी जवान वहां पर कमजोर नहीं है, बल्कि वह सिर्फ़ लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

 

सीआरपीएफ के जनसंपर्क अधिकारी भावेश चौधरी ने एएनआई से कहा कि अगर आपको कोई थप्पड़ भी मारता है तुरंत प्रतिकार किया जाता है लेकिन देखिए हमारे जवान किस संयम से काम ले रहे हैं, जबकि उनके पास हथियार भी हैं. उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं.

 

ज्ञात हो कि कश्मीर की श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में मतदान के दौरान बडगाम और श्रीनगर के दूसरे इलाकों में हिंसा के दौरान 8 लोगों की मौत हो गई थी. साथ ही साथ इसमें कुछ निर्वाचन अधिकारियों सहित कुल 36 लोग घायल भी हुए थे. इस हिंसा का ही नतीजा है कि यहां सिर्फ 6.5 प्रतिशत मतदान हुआ था जो तीन दशक का सबसे कम मतदान है.

 

News Source: India.com